लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
नई दिल्ली: केंद्र सरकार को व्हाट्सएप की ओर से प्रस्तावित 'यूजरनेम फीचर' को लेकर भेजे गए नोटिस का जवाब मिल गया है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) फिलहाल कंपनी के जवाब का परीक्षण कर रहा है। सरकार ने इस फीचर को लेकर ऑनलाइन धोखाधड़ी, फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट और फर्जी पहचान (इम्पर्सनेशन) जैसे साइबर अपराध बढ़ने की आशंका जताई थी।
सरकार ने पिछले सप्ताह मेटा के स्वामित्व वाले व्हाट्सएप को नोटिस जारी कर पूछा था कि बिना मोबाइल नंबर साझा किए यूजरनेम के जरिए बातचीत की सुविधा से सुरक्षा संबंधी क्या खतरे पैदा हो सकते हैं। साथ ही कंपनी को निर्देश दिया गया था कि सरकार के साथ परामर्श पूरा होने तक इस फीचर को भारत में लागू न किया जाए।
सूत्रों के अनुसार, व्हाट्सएप ने समय सीमा बढ़ाए जाने के बाद अपना जवाब मंत्रालय को सौंप दिया है। हालांकि कंपनी ने अभी तक आधिकारिक तौर पर जवाब की सामग्री सार्वजनिक नहीं की है। इससे पहले व्हाट्सएप ने सरकार को भरोसा दिया था कि चर्चा पूरी होने तक भारत में यूजरनेम फीचर लॉन्च नहीं किया जाएगा।
सरकार का कहना है कि नए फीचर के लागू होने से पहले यह सुनिश्चित किया जाना जरूरी है कि इसका दुरुपयोग कर साइबर अपराध, फर्जी पहचान या वित्तीय धोखाधड़ी को बढ़ावा न मिले। मंत्रालय जवाब की समीक्षा के बाद आगे की कार्रवाई पर फैसला करेगा। इस बीच टेलीग्राम और सिग्नल जैसे अन्य मैसेजिंग प्लेटफॉर्म से भी उनके यूजरनेम सिस्टम को लेकर जवाब मांगा गया है।