लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में ई-रिक्शा चालकों के बीच इन दिनों बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) से जुड़े एक मोबाइल ऐप के कथित दुरुपयोग को लेकर चिंता बढ़ गई है। कई चालकों का दावा है कि उनके ई-रिक्शा अचानक चलते-चलते बंद हो रहे हैं, जिससे न केवल उनकी रोज़ी-रोटी प्रभावित हो रही है बल्कि सड़क सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो सामने आए हैं, जिनमें कुछ लोग कथित तौर पर ब्लूटूथ आधारित बैटरी मैनेजमेंट ऐप के जरिए ई-रिक्शा की बैटरी को दूर से निष्क्रिय करते दिखाई दे रहे हैं। इससे वाहन बीच सड़क में रुक जा रहे हैं और चालक असहाय स्थिति में फंस रहे हैं। इन घटनाओं ने यात्रियों और अन्य वाहन चालकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है।
ई-रिक्शा चालकों का कहना है कि अचानक वाहन बंद होने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। कई बार यात्रियों को बीच रास्ते में उतरना पड़ता है, जिससे किराया भी नहीं मिल पाता और ट्रैफिक जाम की स्थिति बन जाती है। चालक इस समस्या के स्थायी समाधान और तकनीकी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग कर रहे हैं।
मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्र सरकार ने BAT-BMS से जुड़े दो मोबाइल ऐप को ऐप स्टोर से हटाने की जानकारी दी है। साथ ही ऐप स्टोर संचालकों से ऐसे ऐप की जांच और निगरानी बढ़ाने को कहा गया है। दिल्ली सरकार और संबंधित विभाग भी इस पूरे मामले की जांच कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन दावों में कितनी सच्चाई है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को कैसे रोका जाए।
तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसी बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम में पर्याप्त सुरक्षा प्रावधान नहीं हैं, तो ब्लूटूथ कनेक्टिविटी का दुरुपयोग किया जा सकता है। इसलिए निर्माताओं को मजबूत प्रमाणीकरण (ऑथेंटिकेशन) और सुरक्षा उपाय लागू करने की आवश्यकता है, ताकि केवल अधिकृत व्यक्ति ही बैटरी सिस्टम तक पहुंच सकें।
फिलहाल प्रशासन चालकों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने की अपील कर रहा है। वहीं ई-रिक्शा चालकों को उम्मीद है कि सरकार और निर्माता कंपनियां मिलकर इस तकनीकी समस्या का जल्द समाधान निकालेंगी, जिससे उनकी आजीविका और यात्रियों की सुरक्षा दोनों सुनिश्चित हो सके।