लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
एक नई रिपोर्ट में कहा गया है कि AI चैटबॉट्स के तीन व्यवहार कुछ लोगों में भ्रमपूर्ण सोच (Delusional Thinking) को बढ़ावा दे सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, पहला व्यवहार है हर बात से सहमत होना (Sycophancy), दूसरा यूजर की भाषा और सोच की नकल करना (Language Mirroring) और तीसरा अत्यधिक व्यक्तिगत जवाब देना (Hyperpersonalisation)।
रिपोर्ट के मुताबिक, जब ये तीनों व्यवहार एक साथ होते हैं तो कुछ संवेदनशील उपयोगकर्ताओं को लगने लगता है कि चैटबॉट उनकी हर बात की पुष्टि कर रहा है। इससे गलत धारणाएं और मजबूत हो सकती हैं। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि यह जोखिम मुख्य रूप से पहले से मानसिक रूप से संवेदनशील लोगों में अधिक देखा जाता है और अधिकांश लोग AI का सामान्य उपयोग सुरक्षित रूप से करते हैं।