लिसिका ग्रोवर
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
औरैया में चैत्र नवरात्रि की छठ के पावन अवसर पर मनाई जाने वाली यमुना जयंती के उपलक्ष्य में यमुना तट स्थित प्राचीन विश्रांत घाट पर भव्य यमुना आरती का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन “एक विचित्र पहल सेवा समिति” द्वारा अध्यक्ष राजीव पोरवाल (रानू) के नेतृत्व में मंगलवार सुबह श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ संपन्न हुआ।
इस धार्मिक आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में अनूप कुमार गुप्ता (नगर पालिका परिषद औरैया अध्यक्ष) तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में शिवकुमार पुरवार उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से यमुना मैया की पूजा-अर्चना की।
शंख और घंटों की गूंज के बीच जब आरती शुरू हुई तो पूरा घाट भक्तिमय हो उठा और “जय यमुना मैया” के जयघोष से वातावरण गूंज उठा।
कार्यक्रम के दौरान समिति के संस्थापक आनंद नाथ गुप्ता ने यमुना नदी के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यमुनोत्री से निकलने वाली यमुना नदी का हिंदू धर्म में विशेष स्थान है और इसकी यात्रा के बिना तीर्थ अधूरा माना जाता है।
वहीं महिला शाखा “तुलसी सखी ग्रुप” की अध्यक्ष लक्ष्मी विश्नोई ने पौराणिक मान्यताओं का उल्लेख करते हुए बताया कि यमराज और यमुना, सूर्य देव की संतान हैं। मान्यता है कि यमुना में स्नान करने से यमलोक के कष्टों से मुक्ति मिलती है।
आरती के बाद श्रद्धालुओं ने दीपदान कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और सुरक्षा की कामना की। यमुना तट पर दीपों की जगमगाहट ने पूरे वातावरण को अलौकिक बना दिया।
इस अवसर पर मंजू गुप्ता, मंगला शुक्ला, प्रिया गुप्ता, अंशु दीक्षित, रानी पोरवाल, मिथिलेश तिवारी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। आयोजन ने धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक एकता का संदेश दिया।