गुरप्रीत कालरा
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट सिर्फ एक आधुनिक हवाई अड्डा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपरा का जीवंत प्रतीक बनने जा रहा है। इसके वास्तु और इंटीरियर डिजाइन में उत्तर प्रदेश की समृद्ध विरासत को प्रमुखता से शामिल किया गया है, जिससे यात्रियों को एक अनूठा सांस्कृतिक अनुभव मिलेगा।
यह जानकारी के. राममोहन नायडू ने शनिवार को एयरपोर्ट के पहले चरण (फेज-1) के उद्घाटन के दौरान दी।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि एयरपोर्ट की वास्तुकला में उत्तर प्रदेश की पारंपरिक हवेलियों की झलक साफ दिखाई देगी। मेहराब, आंगन और पारंपरिक संरचनाओं को आधुनिक डिजाइन के साथ जोड़ा गया है, जिससे यात्री प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ाव महसूस कर सकेंगे।
टर्मिनल को गंगा घाट की थीम पर मल्टी-लेवल संरचना में विकसित किया जा रहा है, जो वाराणसी और हरिद्वार के घाटों जैसा अनुभव देगा। सीढ़ीनुमा डिजाइन, खुले स्थान और विशेष प्रकाश व्यवस्था यात्रियों को आध्यात्मिक और शांत वातावरण का एहसास कराएगी।
एयरपोर्ट के सौंदर्यीकरण में देशभर के पारंपरिक हस्तशिल्प का भी उपयोग किया गया है, जिससे न केवल भारत की विविध कला परंपराएं प्रदर्शित होंगी, बल्कि कारीगरों को वैश्विक मंच भी मिलेगा।
यह एयरपोर्ट आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और सांस्कृतिक पहचान का अनूठा संगम होगा, जो हाईटेक सुविधाओं के साथ पारंपरिक भारतीय सौंदर्य को भी प्रस्तुत करेगा।