अंजली गुप्ता
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया I
रांची में झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य के सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में बर्न यूनिट की उपलब्धता को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई पूरी कर ली है। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि झारखंड के सभी जिलों में सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में बर्न यूनिट की व्यवस्था उपलब्ध कराई जा चुकी है। साथ ही आवश्यक आधारभूत संरचना और चिकित्सकों की मौजूदगी का भी दावा किया गया। सरकार ने यह भी कहा कि इन सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
हालांकि, न्यायालय में एमिकस क्यूरी और अधिवक्ता दीक्षा द्विवेदी ने सरकार के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि कई अस्पतालों में अब भी विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है, जिसे जल्द दूर किया जाना चाहिए।
गौरतलब है कि इस मामले में पहले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सरकार द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों पर गंभीर आपत्ति जताई थी। अदालत ने कहा था कि प्रस्तुत चार्ट से यह प्रतीत होता है कि राज्य के 24 जिलों में से केवल चार जिलों में ही बर्न यूनिट की सुविधाएं संतोषजनक हैं, जबकि अन्य जिलों में स्थिति स्पष्ट नहीं है।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया था कि प्रत्येक जिले में कम से कम एक पूर्ण रूप से सुसज्जित बर्न वार्ड होना अनिवार्य है, अन्यथा यह केवल कागजी व्यवस्था बनकर रह जाएगा। साथ ही राज्य के स्वास्थ्य विभाग को प्रत्येक जिले में बर्न यूनिट की वास्तविक स्थिति पर विस्तृत और सटीक शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया गया था।
अब सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।