लिसिका ग्रोवर
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
Indore में मंगलवार को नगर निगम का 8 हजार 455 करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया। इस बजट में शहरवासियों को राहत देते हुए कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया है और न ही पुराने करों में वृद्धि की गई है। हालांकि, बजट में कोई बड़ी नई घोषणा नहीं की गई है।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बजट पेश करते हुए कहा कि निगम का फोकस शहर के मौजूदा प्रोजेक्ट्स, सफाई व्यवस्था और मास्टर प्लान की 29 सड़कों के विकास पर रहेगा। इन क्षेत्रों के लिए बजट में सबसे अधिक राशि का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने भागीरथपुरा में हुए दूषित पेयजल कांड पर दुख जताते हुए बताया कि अब वहां नई पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। साथ ही मृतकों के परिवार के एक सदस्य को आउटसोर्स के माध्यम से नौकरी देने का निर्णय लिया गया है।
इस घटना से सबक लेते हुए निगम ने पूरे शहर में पानी की गुणवत्ता जांच के लिए लैब शुरू करने की योजना बनाई है। इसके अलावा नर्मदा परियोजना के चौथे चरण, 29 सड़कों के निर्माण और 29 गांवों में जल आपूर्ति व सीवरेज लाइन बिछाने के लिए भी पर्याप्त बजट रखा गया है।
महापौर ने कहा कि यह बजट आने वाले 25 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि शहर में सीवरेज नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है और मास्टर प्लान के तहत सड़कों को चौड़ा किया जा रहा है।
वहीं, नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे ने बजट की आलोचना करते हुए कहा कि नगर निगम अब तक शहर को मूलभूत सुविधाएं भी सही ढंग से उपलब्ध नहीं करा पाया है। उन्होंने पेयजल व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए।
नगर निगम के बजट का बड़ा हिस्सा पानी से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर केंद्रित है। इसमें नर्मदा परियोजना का चौथा चरण, नई पाइपलाइन बिछाना, पुरानी पाइपलाइन बदलना और हर वार्ड में पानी टेस्टिंग लैब स्थापित करना शामिल है। अमृत-2 और अन्य योजनाओं के तहत 1500 करोड़ रुपये से अधिक के कार्य प्रस्तावित हैं, जिनमें जल आपूर्ति, सीवरेज सिस्टम और बुनियादी ढांचे का विकास शामिल है।