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वायनाड टनल परियोजना पर भूस्खलन, एक की मौत; कई मजदूर लापता, रेस्क्यू जारी

केरल के वायनाड में टनल परियोजना स्थल पर भूस्खलन से एक मजदूर की मौत हो गई, कई अन्य लापता हैं। एनडीआरएफ समेत बचाव दल राहत अभियान में जुटे हैं।

By : Local News of India

केरल के वायनाड में टनल परियोजना स्थल पर हुए भूस्खलन के बाद एनडीआरएफ और अन्य बचाव दल मलबे में फंसे मजदूरों की तलाश में जुटे हैं।

लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया 
ऋचा बर्नवाल 

वायनाड: केरल के वायनाड जिले में मंगलवार को भारी बारिश के बीच टनल निर्माण परियोजना स्थल पर बड़ा भूस्खलन हो गया। हादसा कालीडी (Kalladi) क्षेत्र में निर्माणाधीन टनल के प्रवेश द्वार के पास हुआ, जहां मिट्टी और चट्टानों का बड़ा हिस्सा अचानक ढह गया। हादसे में एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि कई अन्य के मलबे में दबे होने या लापता होने की आशंका है। घटना के तुरंत बाद प्रशासन ने बड़े स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया।

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), अग्निशमन विभाग, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं। भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाया जा रहा है और फंसे लोगों की तलाश जारी है। लगातार हो रही बारिश और अस्थिर पहाड़ी क्षेत्र के कारण बचाव कार्य में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

हादसे के बाद भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने वायनाड और आसपास के इलाकों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। कोझिकोड में भी रेड अलर्ट घोषित किया गया है, जबकि मलप्पुरम, कन्नूर और कासरगोड जिलों में ऑरेंज अलर्ट लागू है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और संवेदनशील क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।

यह टनल परियोजना केरल के पहाड़ी क्षेत्रों में संपर्क बेहतर बनाने के उद्देश्य से बनाई जा रही है। हालांकि मानसून के दौरान इस क्षेत्र में भूस्खलन की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं, जिससे निर्माण कार्य और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि भारी वर्षा के दौरान ऐसे संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है।

प्रशासन ने कहा है कि राहत अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक सभी लापता लोगों का पता नहीं चल जाता। मुख्यमंत्री कार्यालय भी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

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