लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
रांची: झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के केसोरसोरा गांव की रहने वाली विनीता सोरेन ने अपने साहस, मेहनत और दृढ़ संकल्प के दम पर माउंट एवरेस्ट फतह कर इतिहास रच दिया। वह दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर पहुंचने वाली भारत की पहली आदिवासी महिला हैं।
साधारण किसान परिवार से आने वाली विनीता ने सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने सपनों को नहीं छोड़ा। वर्ष 2004 में उनकी मुलाकात प्रसिद्ध पर्वतारोही बछेंद्री पाल से हुई, जिनके मार्गदर्शन में उन्होंने पर्वतारोहण का प्रशिक्षण लिया।
'इको एवरेस्ट स्प्रिंग 2012' अभियान के तहत विनीता ने 20 मार्च 2012 को अपनी यात्रा शुरू की और 26 मई 2012 को सुबह 6:50 बजे माउंट एवरेस्ट की चोटी पर तिरंगा फहराकर नया इतिहास रच दिया।
एवरेस्ट फतह करने के बाद भी विनीता सोरेन ने कई साहसिक अभियानों में हिस्सा लिया। उनकी उपलब्धि न केवल झारखंड बल्कि पूरे देश की आदिवासी बेटियों और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।