लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
चेन्नई: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और तमिलगा वेट्ट्री कझगम (TVK) प्रमुख विजय ने मंगलवार को विधानसभा में अपने पहले विस्तृत भाषण के दौरान अपनी पार्टी के आलोचकों को करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कई लोगों ने उनकी पार्टी को केवल "एक्टर की पार्टी" बताकर उसका मजाक उड़ाया, लेकिन जनता के विश्वास और समर्थन के दम पर पार्टी ने सत्ता हासिल की।
विजय ने कहा कि उनकी पार्टी को यहां तक पहुंचने के लिए कई चुनौतियों, प्रतिबंधों और राजनीतिक साजिशों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि सत्ता उन्हें आसानी से नहीं मिली और जनता के दिलों में जगह बनाने के लिए लंबा संघर्ष करना पड़ा। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी राजनीति पारदर्शिता और जनहित पर आधारित है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) का भी विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह परीक्षा सामाजिक असमानता को बढ़ाती है और राज्य की लंबे समय से चली आ रही मांग के अनुरूप इसे समाप्त किया जाना चाहिए। विजय ने कहा कि मेडिकल प्रवेश प्रक्रिया को अधिक न्यायसंगत और समावेशी बनाया जाना चाहिए।
हिंदी थोपे जाने के मुद्दे पर विजय ने दोहराया कि तमिलनाडु की दो-भाषा नीति ही पर्याप्त है। उन्होंने कहा कि राज्य में तमिल और अंग्रेजी की मौजूदा व्यवस्था जारी रहेगी और किसी अतिरिक्त भाषा को अनिवार्य बनाने की आवश्यकता नहीं है।
विजय ने अपने भाषण में सामाजिक न्याय, लोकतांत्रिक मूल्यों और आम लोगों के कल्याण को अपनी सरकार की प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार आम जनता के लिए काम करने और राज्य के विकास को नई दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध है।