लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में एक और बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट ने उद्धव ठाकरे खेमे के छह सांसदों को अपने साथ जोड़कर पार्टी के भीतर चल रहे सत्ता संघर्ष को नया मोड़ दे दिया है।
राजनीतिक गलियारों में ‘ऑपरेशन टाइगर’ के नाम से चर्चित इस रणनीतिक कदम के तहत छह सांसदों ने शिंदे गुट का समर्थन करने का फैसला किया। इसके साथ ही उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुटों के बीच लंबे समय से जारी राजनीतिक विभाजन अब और अधिक स्पष्ट तथा औपचारिक हो गया है।
सूत्रों के अनुसार, सांसदों के इस फैसले से लोकसभा में शिंदे गुट की स्थिति और मजबूत हुई है। वहीं उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) के लिए यह बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस घटनाक्रम का असर महाराष्ट्र की आगामी राजनीतिक रणनीतियों और गठबंधन समीकरणों पर पड़ सकता है। विपक्षी दलों ने इस पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठाए हैं, जबकि शिंदे समर्थकों ने इसे संगठन की मजबूती की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
इस घटनाक्रम के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में नई हलचल तेज हो गई है और आने वाले दिनों में इसके दूरगामी राजनीतिक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।