लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
भुवनेश्वर: ओडिशा सरकार ने स्कूल शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए कक्षा 1 से 4 तक की संशोधित पाठ्यपुस्तकों पर आम जनता से फीडबैक (सुझाव) मांगा है। सरकार ने इसके लिए 7 दिनों की समय-सीमा तय की है, जिसके भीतर शिक्षक, अभिभावक, शिक्षा विशेषज्ञ और आम नागरिक अपने सुझाव दे सकते हैं।
यह पहल राज्य में हाल ही में सामने आए पाठ्यपुस्तकों में त्रुटियों और सुधार की जरूरतों को देखते हुए की गई है। सरकार का कहना है कि संशोधित किताबों को अंतिम रूप देने से पहले सभी हितधारकों की राय ली जाएगी ताकि छात्रों को त्रुटि रहित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सामग्री उपलब्ध कराई जा सके।
जानकारी के अनुसार, राज्य शिक्षा विभाग और SCERT (State Council of Educational Research and Training) ने संशोधित पाठ्यक्रम और किताबों को ऑनलाइन उपलब्ध कराया है। इन सामग्रियों की समीक्षा के बाद प्राप्त सुझावों को शामिल किया जाएगा और फिर अंतिम संस्करण को छपाई के लिए भेजा जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि यह प्रक्रिया राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के अनुरूप की जा रही है, जिसका उद्देश्य शिक्षा को अधिक व्यावहारिक, सटीक और छात्र-केंद्रित बनाना है। सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि जरूरत पड़ने पर आगे और सुधार भी किए जाएंगे।
हाल ही में राज्य में पाठ्यपुस्तकों में बड़ी संख्या में त्रुटियों के सामने आने के बाद यह कदम उठाया गया है, जिसके बाद प्रशासन ने पूरी प्रणाली की समीक्षा और सुधार की प्रक्रिया तेज कर दी है। सरकार का मानना है कि सार्वजनिक भागीदारी से शिक्षा प्रणाली और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी।
अब सभी की नजरें इस पर हैं कि आने वाले 7 दिनों में मिलने वाले सुझावों के आधार पर संशोधित पाठ्यपुस्तकों में क्या बदलाव किए जाते हैं और कब तक छात्रों तक पूरी तरह से सुधारित किताबें पहुंचाई जाती हैं।