लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
भुवनेश्वर: तमिलनाडु के तिरुवल्लूर स्थित सी-फूड प्रोसेसिंग फैक्ट्री में अमोनिया गैस रिसाव से हुई मजदूरों की मौत के बाद ओडिशा सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। राज्य के श्रम विभाग ने क्योंझर जिले के आठ पुलिस थानों में एफआईआर दर्ज कराई है। आरोप है कि भर्ती एजेंटों और कंपनी से जुड़े लोगों ने नाबालिगों की अवैध भर्ती की, उनकी वास्तविक उम्र छिपाने के लिए फर्जी पहचान और आधार कार्ड का इस्तेमाल किया तथा उन्हें खतरनाक औद्योगिक इकाई में काम पर लगाया।
एफआईआर में स्थानीय भर्ती एजेंट पर ग्रामीणों को बेहतर रोजगार का लालच देकर तमिलनाडु भेजने और कंपनी प्रबंधन के साथ मिलकर नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है। प्रारंभिक जांच में कई श्रमिकों के नाबालिग होने की बात सामने आई है। प्रशासन ने मामले में मानव तस्करी, बाल श्रम, जालसाजी और श्रम कानूनों के उल्लंघन सहित विभिन्न पहलुओं की जांच शुरू कर दी है।
21 जून को हुए अमोनिया गैस रिसाव हादसे में ओडिशा की कई महिला श्रमिकों की मौत हुई थी, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुईं। घटना के बाद राज्य सरकार ने दर्जनों प्रवासी श्रमिकों को सुरक्षित वापस लाने की व्यवस्था की। अब इस मामले में अवैध भर्ती नेटवर्क और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज कर दी गई है।