लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
मुस्कान
दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को केंद्र सरकार की ग्रिवांस अपीलेट कमेटी (GAC) को आदेश दिया कि वह यूट्यूबर ध्रुव राठी के एक वीडियो को हटाने से संबंधित अपील पर 15 दिनों के भीतर निर्णय ले।
यह मामला ध्रुव राठी द्वारा मार्च 2026 में अपलोड किए गए एक वीडियो से जुड़ा है, जिसमें यह दावा किया गया था कि भगवान राम, सीता और कृष्ण मांस एवं शराब का सेवन करते थे। इस वीडियो को लेकर याचिकाकर्ता ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इससे धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट किया कि वह अभी इस बात पर निर्णय नहीं दे रही है कि कंटेंट सही है या गलत, बल्कि मामला नियामक प्रक्रिया के तहत GAC के पास भेजा गया है ताकि वह इस पर निर्णय ले सके।
कोर्ट ने GAC को निर्देश दिया कि वह तय समयसीमा में अपना फैसला दे और उसके बाद अदालत को इसकी जानकारी भी दी जाए।