लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
मुंबई: महाराष्ट्र में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के एक विधायक ने राज्य सरकार की ओर से गठित UCC पैनल को लेकर चिंता जताई है और समिति की प्रक्रिया तथा कामकाज से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाए हैं।
महाराष्ट्र सरकार ने UCC का मसौदा तैयार करने के लिए एक सात सदस्यीय समिति का गठन किया है, जिसकी अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना देसाई कर रही हैं। सरकार का कहना है कि समिति अपनी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई के लिए सुझाव देगी।
NCP विधायक ने पैनल की संरचना और उससे जुड़ी प्रक्रिया को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त की हैं। उनका कहना है कि इतने महत्वपूर्ण कानूनी विषय पर सभी पक्षों की राय और व्यापक चर्चा जरूरी है। उन्होंने सरकार से इस मामले में पारदर्शिता बनाए रखने की मांग की।
वहीं, राज्य सरकार की ओर से कहा गया है कि UCC लागू करने की दिशा में कदम विशेषज्ञों की सलाह और समिति की रिपोर्ट के आधार पर उठाए जाएंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि समिति विभिन्न पहलुओं का अध्ययन कर अपनी सिफारिशें देगी।
UCC को लेकर महाराष्ट्र में विधानसभा के अंदर भी चर्चा हो चुकी है। सरकार की ओर से संकेत दिए गए हैं कि समिति की रिपोर्ट आने के बाद इस संबंध में कानून बनाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है।