लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
मुस्कान
देश की प्रसिद्ध पंडवानी गायिका और पद्म विभूषण सम्मान से सम्मानित तीजन बाई का रविवार को 70 वर्ष की आयु में रायपुर स्थित एम्स में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वह पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थीं और उनका इलाज चल रहा था।
तीजन बाई ने अपनी अनूठी गायन शैली और दमदार प्रस्तुति के जरिए पंडवानी लोकगायन को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई। महाभारत की कथाओं को लोक शैली में प्रस्तुत करने की उनकी कला ने उन्हें देश की सबसे प्रतिष्ठित लोक कलाकारों में शामिल किया।
भारतीय लोक संस्कृति और कला के क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के लिए उन्हें पद्म श्री, पद्म भूषण और बाद में देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से भी सम्मानित किया गया।
उनके निधन की खबर से कला, संस्कृति और संगीत जगत में शोक की लहर दौड़ गई। विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक हस्तियों ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए भारतीय लोक परंपरा के लिए उनकी सेवाओं को अविस्मरणीय बताया।
तीजन बाई का निधन भारतीय लोक संगीत जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। उनकी आवाज और पंडवानी की समृद्ध परंपरा आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करती रहेगी।