लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
मुस्कान
दिल्ली की बिजली वितरण कंपनियों से जुड़े 38,500 करोड़ रुपये के कथित वित्तीय विवाद के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने इस मामले में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) द्वारा किए जा रहे ऑडिट पर अंतरिम रोक लगा दी है।
कोर्ट के इस आदेश के बाद बिजली वितरण कंपनियों को फिलहाल राहत मिल गई है। मामला वित्तीय अनियमितताओं और ऑडिट प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है, जिसे लेकर लंबे समय से कानूनी विवाद चल रहा था।
याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया था कि ऑडिट प्रक्रिया में कुछ प्रक्रियागत खामियां हैं, जबकि दूसरी ओर पक्ष ने इसे पारदर्शिता के लिए जरूरी बताया था। सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद यह अंतरिम आदेश पारित किया।
मामले की अगली सुनवाई में इस विवाद के व्यापक पहलुओं पर विचार किया जाएगा। फिलहाल अदालत का यह आदेश मामले की जांच प्रक्रिया पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है।