लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) लागू करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए 7 सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। इस समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई करेंगी। समिति का मुख्य काम राज्य में UCC लागू करने के लिए ड्राफ्ट तैयार करना होगा।
समिति में न्यायिक क्षेत्र के विशेषज्ञों, प्रशासनिक अधिकारियों और सामाजिक प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। यह पैनल विभिन्न व्यक्तिगत कानूनों, सामाजिक पहलुओं और कानूनी जरूरतों का अध्ययन करने के बाद सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगा। सरकार के अनुसार, समिति से लगभग छह महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट देने की उम्मीद है।
UCC क्या है?
समान नागरिक संहिता (UCC) का उद्देश्य देश या राज्य के सभी नागरिकों के लिए व्यक्तिगत मामलों से जुड़े एक समान कानून का ढांचा तैयार करना है। इसमें मुख्य रूप से विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और भरण-पोषण जैसे विषय शामिल होते हैं। वर्तमान में इन क्षेत्रों में अलग-अलग समुदायों के लिए अलग-अलग व्यक्तिगत कानून लागू हैं।
महाराष्ट्र सरकार ने कहा है कि समिति सभी पक्षों का अध्ययन करेगी और कानूनी, सामाजिक तथा प्रशासनिक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए सुझाव देगी। समिति की रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार आगे की प्रक्रिया तय करेगी।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने समिति गठन की घोषणा करते हुए कहा कि राज्य में UCC के लिए एक व्यापक और संतुलित मसौदा तैयार किया जाएगा। सरकार का कहना है कि कानून बनाते समय सभी वर्गों के हितों और संवैधानिक प्रावधानों को ध्यान में रखा जाएगा।
देश के कई राज्यों में UCC को लेकर पहले से पहल चल रही है। महाराष्ट्र भी अब उन राज्यों की सूची में शामिल हो गया है, जहां समान नागरिक संहिता के लिए विशेषज्ञ समिति बनाकर ड्राफ्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।