लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
मुस्कान
चेन्नई। मद्रास हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री से जुड़ी कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में DMK विधायक को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि जनप्रतिनिधियों को सार्वजनिक पदों की गरिमा और मर्यादा का सम्मान करना चाहिए।
मामला मुख्यमंत्री पर की गई कथित टिप्पणी से जुड़ा हुआ है, जिसके बाद विधायक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई थी। गिरफ्तारी से बचने के लिए विधायक ने अग्रिम जमानत की याचिका दायर की थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया।
अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके साथ जिम्मेदारी और संयम भी आवश्यक है।
इस फैसले के बाद राजनीतिक हलकों में प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है, जबकि मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।