लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
जालौर: राजस्थान के जालौर जिले में लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर एक पंचायत के फैसले ने विवाद खड़ा कर दिया है। आरोप है कि पंचायत ने एक युवक और युवती के साथ रहने पर युवक के परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दिया और उन पर ₹21 लाख का जुर्माना भी लगाया। पीड़ित परिवार ने इस फैसले को गैरकानूनी बताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
जानकारी के अनुसार, युवक और युवती पिछले कई महीनों से लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे हैं। इसके बाद पंचायत ने कथित तौर पर दोनों के साथ रहने पर रोक लगाते हुए परिवार को सामाजिक कार्यक्रमों, धार्मिक आयोजनों और सामुदायिक गतिविधियों से दूर रखने का फैसला सुनाया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पंचायत के दबाव के कारण उन्हें सामाजिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और जांच के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि भारत में बालिगों के बीच सहमति से लिव-इन रिलेशनशिप को अपराध नहीं माना जाता और इस विषय पर समय-समय पर अदालतें भी महत्वपूर्ण टिप्पणियां कर चुकी हैं।