लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
राजौरी: जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती जिले राजौरी के डुंगी गांव के रहने वाले 17 वर्षीय इमरान चौधरी ने कम उम्र में बड़ी उपलब्धि हासिल कर सबका ध्यान अपनी ओर खींचा है। सीमित संसाधनों और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में अपना स्टार्टअप शुरू किया और केवल छह महीनों में इसकी वैल्यूएशन लगभग 5 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।
इमरान की कंपनी Lagnever Technologies AI आधारित तकनीकी समाधान विकसित करती है। उन्होंने कम उम्र में ही नई तकनीकों को सीखकर उन्हें व्यावसायिक रूप देने की दिशा में काम शुरू किया। उनका उद्देश्य AI को ऐसे क्षेत्रों तक पहुंचाना है, जहां तकनीक के माध्यम से वास्तविक समस्याओं का समाधान किया जा सके।
इमरान का कहना है कि सफलता के लिए बड़े शहर या महंगे संसाधन जरूरी नहीं होते। यदि सीखने की इच्छा, मेहनत और सही दिशा में काम करने का जुनून हो तो छोटे गांव से भी वैश्विक स्तर की कंपनी बनाई जा सकती है। उनकी कहानी देशभर के युवाओं और स्टार्टअप शुरू करने का सपना देखने वाले छात्रों के लिए प्रेरणा बन रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में AI और स्टार्टअप इकोसिस्टम तेजी से विकसित हो रहा है। ऐसे में इमरान जैसे युवा उद्यमी यह साबित कर रहे हैं कि नवाचार और तकनीकी कौशल के दम पर कम उम्र में भी बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है। उनकी उपलब्धि जम्मू-कश्मीर के युवाओं के लिए भी एक सकारात्मक संदेश मानी जा रही है।