लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
शिमला: हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के बीच राहत की खबर सामने आई है। किन्नौर जिले में भूस्खलन और मलबा आने के कारण बाधित हुआ ऐतिहासिक हिंदुस्तान-तिब्बत मार्ग (एनएच-5) दोबारा वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया है। सीमा सड़क संगठन (BRO) और लोक निर्माण विभाग की टीमों ने युद्धस्तर पर मलबा हटाकर मार्ग को बहाल किया। हालांकि प्रदेश के अन्य हिस्सों में मानसून का असर अब भी बना हुआ है और राज्यभर में करीब 60 सड़कें अभी भी बंद हैं।
राज्य आपदा प्रबंधन और प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन के कारण कई जिलों में सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है। किन्नौर में मार्ग खुलने से स्थानीय लोगों, पर्यटकों और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति को राहत मिलेगी, लेकिन कुल्लू, मंडी, चंबा, लाहौल-स्पीति और अन्य पर्वतीय क्षेत्रों में कई संपर्क मार्ग अब भी बंद हैं। प्रभावित सड़कों को खोलने के लिए जेसीबी और अन्य भारी मशीनें लगातार काम कर रही हैं।
प्रशासन ने बताया कि बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा अभी भी बना हुआ है। लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और यात्रा से पहले सड़क की स्थिति की जानकारी लेने की अपील की गई है। संवेदनशील इलाकों में पुलिस, आपदा प्रबंधन दल और लोक निर्माण विभाग की टीमें तैनात हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी राज्य के कई हिस्सों में बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है और नदियों-नालों के किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। प्रशासन लगातार सड़कों की निगरानी कर रहा है और जहां भी मलबा हटाने का कार्य पूरा हो रहा है, वहां यातायात धीरे-धीरे सामान्य किया जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने कहा है कि मानसून के दौरान सड़क संपर्क बनाए रखना प्राथमिकता है। विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर बंद मार्गों को जल्द से जल्द खोलने का प्रयास किया जा रहा है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे मौसम और यातायात संबंधी आधिकारिक सलाह का पालन करें तथा जोखिम वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतें।
I