लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले एक इंजीनियरिंग छात्र के परिवार को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह फैसला मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (MACT) से जुड़े मामले की अपील पर सुनाया गया, जिसमें अदालत ने पीड़ित परिवार के नुकसान को गंभीर मानते हुए यह राहत दी।
मामला एक सड़क दुर्घटना से जुड़ा है, जिसमें इंजीनियरिंग छात्र की मौत हो गई थी। अदालत में सुनवाई के दौरान यह पाया गया कि हादसा लापरवाही और तेज रफ्तार वाहन चलाने के कारण हुआ था। पीड़ित परिवार ने लंबे समय से न्याय और उचित मुआवजे की मांग की थी।
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि ऐसे मामलों में पीड़ित परिवार को केवल कानूनी नहीं बल्कि सामाजिक और आर्थिक रूप से भी पर्याप्त राहत मिलनी चाहिए। अदालत ने यह भी माना कि कम मुआवजा तय करने से परिवार पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ता है, जबकि वास्तविक नुकसान कहीं अधिक होता है।
फैसले के अनुसार, यह राशि पीड़ित के परिजनों को ब्याज सहित दी जाएगी। अदालत ने बीमा कंपनी और संबंधित पक्षों को निर्देश दिया है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर भुगतान सुनिश्चित करें।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला सड़क दुर्घटना मामलों में मुआवजे की दिशा में एक महत्वपूर्ण उदाहरण बनेगा और भविष्य में ऐसे मामलों में अधिक न्यायसंगत मुआवजे की संभावना बढ़ेगी।
इस निर्णय के बाद पीड़ित परिवार ने राहत की भावना जताई है, जबकि कानूनी हलकों में इसे एक संतुलित और मानवीय फैसला माना जा रहा है।