लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
मुस्कान
मद्रास (चेन्नई) की प्रसिद्ध नीलामी संस्था मरे एंड कंपनी अपनी करीब एक सदी पुरानी विरासत को आगे बढ़ा रही है। 10 फरवरी 1927 से शुरू हुई इस नीलामी परंपरा में संस्था का मशहूर ‘हथौड़ा’ केवल दो मौकों को छोड़कर लगातार चलता रहा है।
संस्था के अनुसार, नीलामी का सिलसिला कुछ समय के लिए तब रुका जब इसे नए स्थान पर स्थानांतरित किया गया और बाद में कोविड-19 महामारी के दौरान भी संचालन प्रभावित हुआ। इसके बावजूद लोगों के बीच इसकी पहचान और प्रतिष्ठा कायम रही।
मरे एंड कंपनी ने वर्षों में पुरानी वस्तुओं, कला सामग्री और संग्रहणीय चीजों की नीलामी के जरिए शहर की सांस्कृतिक पहचान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
समय के साथ इसके संचालन स्थल में बदलाव आए, लेकिन नीलामी की यह परंपरा और लोगों का भरोसा अब भी बरकरार है। शताब्दी के करीब पहुंचती यह संस्था चेन्नई की विरासत का एक अहम हिस्सा बन चुकी है।