लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
चमोली: उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने सख्त कार्रवाई करते हुए अपने एक कर्मचारी को निलंबित कर दिया है। समिति ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। प्रारंभिक आरोपों में दान पेटियों से प्राप्त नकदी और अन्य चढ़ावे के प्रबंधन में गड़बड़ी की आशंका जताई गई है।
मंदिर समिति के अनुसार, निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल, जो कार्यालय में निजी सहायक के पद पर कार्यरत थे, के खिलाफ आरोपों की जांच पूरी होने तक यह कार्रवाई प्रभावी रहेगी। जांच समिति को रिकॉर्ड, दान की गणना प्रक्रिया और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा कर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। समिति का कहना है कि यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता या लापरवाही पाई जाती है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब देश के कई प्रमुख धार्मिक स्थलों पर चढ़ावे और दान की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उत्तराखंड सरकार ने भी पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लिया है और आवश्यकता पड़ने पर स्वतंत्र स्तर पर जांच कराने के संकेत दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं के विश्वास को बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की वित्तीय अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट जानकारी या अफवाह पर विश्वास न करें। जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। फिलहाल जांच एजेंसियां सभी दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की बारीकी से जांच कर रही हैं।