लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
लखनऊ।
समाजवादी पार्टी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री Samajwadi Party अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने राम मंदिर से जुड़े एक मामले की जांच को लेकर बड़ा राजनीतिक बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि इस जांच को केंद्रीय एजेंसियों को सौंपने के बजाय विशेष जांच दल (SIT) को दिया जाना भारतीय जनता पार्टी के भीतर कथित मतभेदों को दर्शाता है।
अखिलेश यादव ने कहा कि यदि सब कुछ पारदर्शी और स्पष्ट होता तो जांच को किसी स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी को सौंपा जाता। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जांच प्रक्रिया को अपने अनुसार नियंत्रित करने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि जनता अब इन फैसलों को ध्यान से देख रही है और आने वाले समय में इसका राजनीतिक असर भी देखने को मिल सकता है। सपा प्रमुख ने सरकार से मांग की कि सभी मामलों में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जाए।
वहीं सत्ताधारी दल की ओर से इन आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा गया है कि SIT जांच पूरी तरह नियमों और कानून के अनुसार की जा रही है और इसमें किसी प्रकार का राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं है।
इस बयान के बाद प्रदेश की सियासत में एक बार फिर राम मंदिर मुद्दा चर्चा के केंद्र में आ गया है।