लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
राजधानी दिल्ली में एक गंभीर और संवेदनशील आपराधिक मामले का खुलासा होने की बात सामने आई है, जिसमें नवजात शिशुओं की अवैध खरीद-फरोख्त का नेटवर्क संचालित होने के आरोप लगाए गए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस गिरोह के सदस्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से नवजात बच्चों को लगभग 10 हजार रुपये में खरीद लेते थे।
सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे नेटवर्क में अस्पतालों और कुछ बाहरी एजेंटों की मिलीभगत की भी आशंका जताई जा रही है। आरोप है कि खरीदे गए बच्चों को बाद में अस्पताल में भर्ती दिखाकर फर्जी जन्म प्रमाण और मेडिकल रिकॉर्ड तैयार किए जाते थे, ताकि उन्हें कानूनी रूप से वैध रूप दिया जा सके।
जांच में यह भी सामने आया है कि यह तरीका अवैध गोद लेने को वैध दिखाने के लिए इस्तेमाल किया जाता था। दस्तावेज़ी हेरफेर के जरिए बच्चों की पहचान बदलने और उन्हें नए परिवारों को सौंपने का काम किया जाता था।
फिलहाल संबंधित एजेंसियों द्वारा मामले की जांच की जा रही है और पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों की पहचान कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।