लिसिका ग्रोवर
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
इंडियन प्रीमियर लीग 2026 सीजन में एक दिलचस्प ट्रेंड देखने को मिल रहा है। कई बड़े स्टार खिलाड़ी लगातार संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन उनकी लोकप्रियता और ब्रांड वैल्यू के कारण उन्हें टीमों में लगातार मौके मिल रहे हैं।
दूसरी ओर, युवा खिलाड़ी कम मौके में भी शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और मैच का रुख बदल रहे हैं। इसके बावजूद टीमों की रणनीति कई बार बड़े नामों के इर्द-गिर्द घूमती नजर आती है।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि IPL अब सिर्फ खेल नहीं बल्कि एक बड़ा बिजनेस मॉडल बन चुका है। फ्रेंचाइजी के लिए स्टार खिलाड़ियों की मार्केट वैल्यू, सोशल मीडिया रीच और विज्ञापन क्षमता भी अहम फैक्टर बन गए हैं।
कई मैचों में देखा गया कि खराब फॉर्म के बावजूद अनुभवी खिलाड़ियों को लगातार मौका मिला, जबकि बेहतर प्रदर्शन करने वाले युवा खिलाड़ियों को बेंच पर बैठना पड़ा। इससे क्रिकेट फैंस के बीच भी बहस तेज हो गई है।
हालांकि, IPL की यही चमक और ग्लैमर इसे दुनिया की सबसे लोकप्रिय T20 लीग भी बनाती है। बड़े नाम दर्शकों, स्पॉन्सर्स और ब्रॉडकास्टर्स को आकर्षित करते हैं, जबकि युवा खिलाड़ी टूर्नामेंट को नई ऊर्जा देते हैं।
अब सवाल यही है कि क्या आने वाले समय में टीमों का फोकस सिर्फ स्टार पावर रहेगा या प्रदर्शन के आधार पर चयन की संस्कृति और मजबूत होगी।