लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
वॉशिंगटन डी.सी.: अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसले में राज्यों को यह अधिकार दिया है कि वे ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों को लड़कियों की स्कूल और कॉलेज खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने से रोकने वाले कानून लागू कर सकते हैं। अदालत ने इडाहो और वेस्ट वर्जीनिया के ऐसे कानूनों को बरकरार रखते हुए कहा कि ये संघीय कानून Title IX या अमेरिकी संविधान के Equal Protection Clause का उल्लंघन नहीं करते।
यह मामला वेस्ट वर्जीनिया की छात्रा बेकी पेपर-जैक्सन और इडाहो के एक अन्य मामले से जुड़ा था, जिसमें ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों ने इन प्रतिबंधों को अदालत में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इन राज्यों के कानून प्रभावी रहेंगे और अन्य राज्यों में चल रहे समान मामलों पर भी इसका असर पड़ सकता है।
हालांकि अदालत ने यह फैसला केवल स्कूल और कॉलेज खेलों में भागीदारी के संदर्भ में दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रांसजेंडर अधिकारों से जुड़े कई बड़े संवैधानिक और नागरिक अधिकारों के प्रश्न अब भी अनसुलझे हैं और भविष्य में उन पर अलग-अलग मामलों में सुनवाई जारी रह सकती है। फैसले के समर्थन और विरोध दोनों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। समर्थकों का कहना है कि इससे महिला खिलाड़ियों के लिए निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित होगी, जबकि आलोचकों का मानना है कि यह ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकारों को सीमित करने वाला कदम है।