लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
फीफा विश्व कप के दौरान मैदान पर मुकाबलों के साथ-साथ मैदान के बाहर भी कई बड़े घटनाक्रम देखने को मिले। कई देशों के कोच, खिलाड़ियों और फुटबॉल संघ के पदाधिकारियों ने टूर्नामेंट के दौरान या उसके तुरंत बाद इस्तीफा दिया या संन्यास की घोषणा कर दी।
कई कोचों ने टीम के उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं करने की जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद छोड़े। वहीं कुछ अनुभवी खिलाड़ियों ने विश्व कप को अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का अंतिम टूर्नामेंट बताते हुए संन्यास का ऐलान किया।
कुछ देशों में खराब प्रदर्शन के बाद फुटबॉल संघों में भी बदलाव देखने को मिले। कई अध्यक्षों और वरिष्ठ अधिकारियों ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ दिए, जबकि कुछ जगहों पर नए नेतृत्व की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि विश्व कप जैसा बड़ा टूर्नामेंट अक्सर टीमों और फुटबॉल प्रशासन में बड़े बदलाव की शुरुआत करता है। प्रदर्शन, रणनीति और भविष्य की योजनाओं के आधार पर कोचिंग स्टाफ, खिलाड़ियों और प्रशासकों में परिवर्तन सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा माना जाता है।