गुरप्रीत कालरा
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक “दुश्मन जासूसी ड्रोन” को मार गिराया। ईरानी मीडिया के मुताबिक यह ड्रोन संवेदनशील सैन्य इलाकों की निगरानी कर रहा था, जिसके बाद एयर डिफेंस सिस्टम ने उसे निशाना बनाया।
ईरान ने यह भी दावा किया कि उसकी सेना ने क्षेत्र में मौजूद दूसरे विदेशी सैन्य विमानों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। हालांकि अमेरिका की ओर से अभी तक ड्रोन गिराए जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
दरअसल, हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ा है। अमेरिका ने दक्षिणी ईरान में कुछ सैन्य ठिकानों और नौसैनिक गतिविधियों पर हमले किए थे, जिसके बाद तेहरान ने इसे युद्धविराम का उल्लंघन बताया।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम तेल व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है। यहां किसी भी सैन्य टकराव का असर सीधे वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ड्रोन गिराए जाने का यह दावा क्षेत्रीय संघर्ष को और भड़का सकता है।
ईरानी मीडिया ने कथित तौर पर ड्रोन के मलबे की तस्वीरें और वीडियो भी जारी किए हैं। कुछ रिपोर्ट्स में इसे अमेरिकी MQ-9 Reaper ड्रोन बताया गया है, लेकिन इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
Image Caption
होर्मुज जलडमरूमध्य के पास “दुश्मन ड्रोन” मार गिराने के ईरानी दावे के बाद मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव।
मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक “दुश्मन जासूसी ड्रोन” को मार गिराया। ईरानी मीडिया के मुताबिक यह ड्रोन संवेदनशील सैन्य इलाकों की निगरानी कर रहा था, जिसके बाद एयर डिफेंस सिस्टम ने उसे निशाना बनाया।
ईरान ने यह भी दावा किया कि उसकी सेना ने क्षेत्र में मौजूद दूसरे विदेशी सैन्य विमानों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। हालांकि अमेरिका की ओर से अभी तक ड्रोन गिराए जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
दरअसल, हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ा है। अमेरिका ने दक्षिणी ईरान में कुछ सैन्य ठिकानों और नौसैनिक गतिविधियों पर हमले किए थे, जिसके बाद तेहरान ने इसे युद्धविराम का उल्लंघन बताया।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम तेल व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है। यहां किसी भी सैन्य टकराव का असर सीधे वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ड्रोन गिराए जाने का यह दावा क्षेत्रीय संघर्ष को और भड़का सकता है।
ईरानी मीडिया ने कथित तौर पर ड्रोन के मलबे की तस्वीरें और वीडियो भी जारी किए हैं। कुछ रिपोर्ट्स में इसे अमेरिकी MQ-9 Reaper ड्रोन बताया गया है, लेकिन इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।