नई दिल्ली, 2 सितंबर 2026: विभागीय शिखर सम्मेलन-2026 के दूसरे दिन ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं की दीर्घकालिक प्रभावशीलता और मजबूती सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई। केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल के मार्गदर्शन में आयोजित सत्र के दौरान राज्यों के साथ दो महत्वपूर्ण दस्तावेज साझा किए गए।
इन दस्तावेजों में जल इंटेलिजेंस के लिए डिसीजन सपोर्ट सिस्टम यानी DSS और ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव से संबंधित O&M मैनुअल शामिल हैं। इन दोनों दस्तावेजों को अंतिम रूप देने से पहले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से सुझाव मांगे गए हैं।
डिसीजन सपोर्ट सिस्टम फॉर वाटर इंटेलिजेंस के संबंध में राज्यों से सितंबर 2026 तक सुझाव आमंत्रित किए गए हैं, जबकि O&M मैनुअल पर अक्टूबर 2026 तक अपनी महत्वपूर्ण प्रतिक्रियाएं और सुझाव देने को कहा गया है।
इन दिशा-निर्देशों को अंतिम रूप दिए जाने के बाद राज्यों द्वारा स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप अपनाया जाएगा। साथ ही इन्हें स्थानीय भाषाओं में भी उपलब्ध कराने और जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया गया है।
इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं के संचालन, रखरखाव और प्रबंधन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और टिकाऊ बनाना है। राज्यों की भागीदारी के साथ तैयार किए जा रहे ये दस्तावेज ग्रामीण जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
रिपोर्ट: LNI News Desk, नई दिल्ली