लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
मुस्कान
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा अफ्रीकी देशों को स्वास्थ्य सेवाओं और संक्रामक बीमारियों से लड़ने के लिए दी जा रही करोड़ों डॉलर की नई सहायता योजना विवादों में आ गई है। कई अफ्रीकी देशों ने इस मदद के साथ जुड़ी नई शर्तों पर आपत्ति जताई है और इसे स्वीकार करने से हिचक दिखाई है।
रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ने पिछले वर्ष विदेशी सहायता वितरित करने वाली प्रमुख अमेरिकी एजेंसी की भूमिका सीमित करने के बाद अब नई द्विपक्षीय स्वास्थ्य सहायता योजनाएं शुरू की हैं। इन समझौतों के तहत अमेरिका स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने और बीमारियों से निपटने के लिए आर्थिक सहयोग देना चाहता है, लेकिन इसके बदले कुछ नीतिगत और प्रशासनिक शर्तें भी रखी गई हैं।
पिछले वर्ष दिसंबर में केन्या के राष्ट्रपति विलियम रुटो की अमेरिका यात्रा के दौरान पहला समझौता हुआ था। उस समय अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा था कि केन्या पहला साझेदार है और भविष्य में 30 से 50 अफ्रीकी देशों के साथ ऐसे समझौते करने की उम्मीद है।
हालांकि, कई अफ्रीकी सरकारों का मानना है कि सहायता बिना ऐसी शर्तों के मिलनी चाहिए, जो उनकी नीतिगत स्वतंत्रता या स्वास्थ्य कार्यक्रमों को प्रभावित करें। इसी कारण कुछ देशों ने वैकल्पिक वित्तीय स्रोतों की तलाश भी शुरू कर दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला भविष्य में अमेरिका और अफ्रीकी देशों के कूटनीतिक तथा विकास संबंधों पर असर डाल सकता है।