लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
देशभर में आज संविधान हत्या दिवस मनाया जा रहा है। केंद्र सरकार ने 25 जून को प्रतिवर्ष "संविधान हत्या दिवस" के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। यह दिवस वर्ष 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आपातकाल की स्मृति में मनाया जाता है।
सरकार के अनुसार इस दिवस का उद्देश्य आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक अधिकारों पर लगे प्रतिबंधों और संविधान पर पड़े प्रभाव को याद करना तथा नागरिकों को लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूक करना है। संस्कृति मंत्रालय और गृह मंत्रालय के निर्देश पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम, संगोष्ठियां, प्रदर्शनी और जागरूकता अभियान आयोजित किए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई नेताओं ने इस अवसर पर आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक काला अध्याय बताते हुए उन लोगों को श्रद्धांजलि दी जिन्होंने उस दौर में लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष किया था।
गौरतलब है कि 25 जून 1975 को देश में आपातकाल लागू किया गया था, जो मार्च 1977 तक चला। इस दौरान कई राजनीतिक नेताओं की गिरफ्तारी, प्रेस पर नियंत्रण और नागरिक स्वतंत्रताओं पर प्रतिबंध जैसे कदम उठाए गए थे। संविधान हत्या दिवस के माध्यम से इसी ऐतिहासिक दौर को याद किया जाता है।