लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
मुरादाबाद में समाजवादी पार्टी (सपा) के भीतर नेतृत्व को लेकर नई राजनीतिक हलचल देखने को मिल रही है। लोकसभा सांसद रुचि वीरा लगातार अपने राजनीतिक प्रभाव का विस्तार करती नजर आ रही हैं। पार्टी के पुराने मुस्लिम नेतृत्व की भूमिका पहले से कमजोर होती दिखाई दे रही है, जिससे जिले में सियासी समीकरण तेजी से बदल रहे हैं।
2024 के लोकसभा चुनाव में सपा ने वरिष्ठ नेता डॉ. एस.टी. हसन का टिकट काटकर रुचि वीरा को उम्मीदवार बनाया था। उन्होंने चुनाव जीतकर यह साबित किया कि पार्टी नेतृत्व का फैसला राजनीतिक रूप से सफल रहा। इसके बाद से जिले में उनकी सक्रियता लगातार बढ़ी है।
हालिया घटनाक्रम में सपा के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश विधानसभा में मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) रहे कमाल अख्तर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। यह फैसला ऐसे समय आया है जब उनके और रुचि वीरा के बीच लंबे समय से मतभेद की चर्चा चल रही थी। बताया गया कि पार्टी नेतृत्व के हस्तक्षेप के बाद यह कदम उठाया गया।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मुरादाबाद में सपा के भीतर अब नेतृत्व का केंद्र धीरे-धीरे रुचि वीरा की ओर शिफ्ट हो रहा है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि आगामी विधानसभा चुनावों से पहले जिले में सपा का अंतिम वर्चस्व किस खेमे के हाथ में रहता है और पार्टी इस अंदरूनी खींचतान को किस तरह संभालती है।