लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
जकार्ता: भारत और इंडोनेशिया के बीच रक्षा सहयोग को नई मजबूती मिली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जकार्ता यात्रा के दौरान इंडोनेशिया ने भारत से लगभग 20 करोड़ डॉलर मूल्य की दो ब्रह्मोस मिसाइल बैटरियां खरीदने पर सिद्धांततः सहमति जताई है। इसके साथ ही इंडोनेशिया ने भारत में विकसित 'अस्त्र' बियॉन्ड विजुअल रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल खरीदने का भी फैसला किया है। हालांकि अस्त्र मिसाइलों की संख्या और अंतिम अनुबंध की शर्तों पर दोनों देशों के बीच आगे बातचीत होगी।
रिपोर्ट के अनुसार, इंडोनेशिया की प्रारंभिक योजना एक ब्रह्मोस बैटरी खरीदने की थी, लेकिन अब दो बैटरियां लेने पर सहमति बनी है। ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली को भारत और रूस ने संयुक्त रूप से विकसित किया है और इसे दुनिया की सबसे तेज़ सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में गिना जाता है। वहीं, स्वदेशी अस्त्र मिसाइल पहले से भारतीय वायुसेना के सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमानों में तैनात है और अब इसे इंडोनेशिया के सुखोई बेड़े में भी एकीकृत किए जाने की योजना है।
रक्षा सहयोग के अलावा दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को भी मजबूत करने पर सहमति जताई है। भारत और इंडोनेशिया सबांग-आचेह बंदरगाह के संयुक्त विकास पर भी आगे बढ़ेंगे, जिसे मलक्का जलडमरूमध्य के निकट उसकी रणनीतिक स्थिति के कारण बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। दोनों देशों का मानना है कि यह सहयोग क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा और व्यापारिक गतिविधियों को नई मजबूती देगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता भारत की 'मेक इन इंडिया' और रक्षा निर्यात नीति के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे भारत की वैश्विक रक्षा बाजार में स्थिति और मजबूत होगी, जबकि इंडोनेशिया के साथ रणनीतिक संबंध भी नई ऊंचाइयों पर पहुंचेंगे। अनुबंध की अंतिम शर्तों, लागत और डिलीवरी कार्यक्रम को लेकर दोनों देशों के रक्षा मंत्रालयों के बीच आगे विस्तृत बातचीत की जाएगी।