लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
अमेरिका और ईरान के बीच हुए संघर्ष विराम तथा हालिया समझौते के बाद दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही धीरे-धीरे सामान्य होने लगी है। भारतीय शिपिंग मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार अब तक 30 भारत-गामी जहाज इस मार्ग को सुरक्षित रूप से पार कर चुके हैं, जबकि 26 अन्य जहाज अभी भी ट्रांजिट की प्रतीक्षा में हैं।
इन जहाजों में एलपीजी, एलएनजी, कच्चा तेल और अन्य आवश्यक माल लेकर आने वाले पोत शामिल हैं। भारत की ऊर्जा जरूरतों और व्यापारिक आपूर्ति के लिए हॉर्मुज जलडमरूमध्य बेहद अहम माना जाता है, क्योंकि देश के तेल आयात का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से होकर आता है।
संयुक्त राष्ट्र की अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) के समन्वय में विशेष समुद्री मार्ग तैयार किए गए हैं, जिनके जरिए फंसे हुए जहाजों को सुरक्षित निकाला जा रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक हजारों नाविकों और सैकड़ों जहाजों को सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है।
हालांकि स्थिति में सुधार के संकेत मिल रहे हैं, लेकिन हॉर्मुज क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी चुनौतियां अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। कई जहाज अब भी सावधानी के साथ आवाजाही कर रहे हैं और समुद्री एजेंसियां लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि व्यापार और तेल आपूर्ति पूरी तरह सामान्य होने में अभी कुछ समय लग सकता है।