गुरप्रीत कालरा
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
तमिलनाडु की राजनीति एक बार फिर फिल्मी सितारों की वजह से सुर्खियों में है। साउथ सिनेमा के दो बड़े नाम—Vijay (actor) और Rajinikanth—अब केवल स्क्रीन तक सीमित नहीं, बल्कि राजनीतिक चर्चा के केंद्र में भी हैं।
एक तरफ अभिनेता विजय को लेकर माना जा रहा है कि वह अपनी राजनीतिक पार्टी और जनाधार के जरिए भविष्य में मुख्यमंत्री पद की दौड़ में मजबूत दावेदार बन सकते हैं। उनके फैंस और युवा वर्ग में उनकी लोकप्रियता को राजनीतिक ताकत के रूप में देखा जा रहा है।
वहीं दूसरी ओर रजनीकांत ने राजनीति में आने की घोषणा कर हलचल जरूर मचाई थी, लेकिन बाद में उन्होंने सक्रिय राजनीति से दूरी बना ली। इसके बावजूद उनका प्रभाव और “राजनीतिक आभा” आज भी तमिलनाडु की जनता के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह “स्टार पावर बनाम ग्राउंड पॉलिटिक्स” की नई कहानी है, जहां एक ओर विजय नई राजनीतिक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रहे हैं, वहीं रजनीकांत का अनुभव और जनसमर्थन अब भी एक प्रतीक के रूप में मौजूद है।
हालांकि, दोनों की राहें अलग हैं, लेकिन जनता की नजरों में यह मुकाबला एक “नैरेटिव वॉर” बन गया है, जो आने वाले चुनावों में राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।