अंजली गुप्ता
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर अब भारतीय मुद्रा पर भी साफ दिखने लगा है। सोमवार को रुपया डॉलर के मुकाबले गिरकर अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में रुपया 93.95 प्रति डॉलर के स्तर तक लुढ़क गया, जो इसका ऑल टाइम लो है।
हालांकि इसके बाद मामूली सुधार देखने को मिला और सुबह 10:30 बजे तक रुपया 93.92 प्रति डॉलर के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। इससे पहले शुक्रवार को रुपया 93.71 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
आज के कारोबार की शुरुआत भी कमजोरी के साथ हुई। रुपया 12 पैसे गिरकर 93.83 प्रति डॉलर पर खुला था। शुरुआती कारोबार में यह 93.79 तक संभला, लेकिन इसके बाद विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली से बाजार में डॉलर की मांग बढ़ गई, जिससे रुपया तेजी से गिर गया।
रुपये पर दबाव बढ़ने के पीछे कई वजहें मानी जा रही हैं। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, ट्रांसपोर्टेशन लागत में बढ़ोतरी, डॉलर की मजबूती और विदेशी निवेशकों द्वारा भारतीय बाजार से धन निकासी प्रमुख कारण हैं।
मुद्रा बाजार में रुपये का प्रदर्शन अन्य मुद्राओं के मुकाबले भी मिला-जुला रहा। यूरो के मुकाबले रुपया कमजोर हुआ और 108.47 के स्तर पर कारोबार करता दिखा, जबकि ब्रिटिश पाउंड के मुकाबले इसमें मजबूती दर्ज की गई और यह 125.12 के स्तर पर पहुंच गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक स्तर पर तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता बनी रहेगी, तब तक रुपये पर दबाव जारी रह सकता है।