अंजली गुप्ता
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया l
अश्विनी वैष्णव ने अहमदाबाद के साणंद जीआईडीसी में केयन्स सेमीकॉन संयंत्र के उद्घाटन के अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से सेमीकंडक्टर क्षेत्र में वैश्विक पहचान बना रहा है।
मंत्री ने बताया कि महज 14 महीनों में फाउंडेशन से लेकर कमर्शियल प्रोडक्शन की शुरुआत होना प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व और राज्य सरकार के प्रयासों का परिणाम है। 28 फरवरी को पहले प्लांट का उद्घाटन हुआ, जबकि 31 मार्च को दूसरे प्लांट का शुभारंभ किया गया। जुलाई तक तीसरा प्लांट चालू होगा।
2026 तक चार सेमीकंडक्टर प्लांट तैयार होंगे और 2027 तक दो और प्लांट शुरू होंगे। धोलेरा में भारत की पहली सेमीकंडक्टर फैक्ट्री 2028 तक तैयार होने की उम्मीद है।
वैष्णव ने कहा कि भारत को वैश्विक स्तर पर टिके रहने के लिए गुणवत्ता और लागत प्रतिस्पर्धा में श्रेष्ठता हासिल करनी होगी। देश में 60,000 इंजीनियरों को उन्नत चिप डिजाइन टूल्स जैसे सिपनोपिस और केडेंस पर प्रशिक्षण दिया गया है, और 315 विश्वविद्यालयों में यह क्षमता विकसित की जा रही है।
उन्होंने बताया कि दुनिया की अग्रणी कंपनियां भारत में 2 नैनोमीटर तक की अत्याधुनिक चिप्स डिजाइन कर रही हैं। “डिजाइन इन इंडिया” और “मेक इन इंडिया” के तहत पूरा सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम देश में विकसित हो रहा है।
“सेमीकॉन 2.0” योजना के तहत, केमिकल्स, गैसेस और मशीनरी का निर्माण भी भारत में ही किया जाएगा, जिससे देश पूर्ण रूप से आत्मनिर्भर बने।
वैष्णव ने विश्वास जताया कि 2032 तक भारत दुनिया के शीर्ष छह और 2047 तक शीर्ष तीन सेमीकंडक्टर देशों में अपनी जगह बनाएगा।