लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
ईरान ने भारत की ओर से दिए गए समर्थन और संवेदनशीलता की सराहना करते हुए कहा है कि वह इस “अपनापन” को कभी नहीं भूलेगा। यह बयान उस समय आया जब भारत ने ईरान के शीर्ष नेतृत्व से जुड़े अंतिम संस्कार कार्यक्रम में प्रतिनिधित्व किया।
ईरानी पक्ष ने कहा कि भारत की भागीदारी ने कठिन समय में दोनों देशों के ऐतिहासिक और कूटनीतिक संबंधों को और मजबूत किया है। इस कदम को एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
विदेश नीति से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे अवसरों पर उच्चस्तरीय भागीदारी केवल औपचारिकता नहीं होती, बल्कि यह आपसी विश्वास और रणनीतिक संबंधों को भी दर्शाती है।
हालांकि इस घटनाक्रम पर भारत सरकार की ओर से विस्तृत टिप्पणी सामने नहीं आई है, लेकिन यह माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच संवाद और सहयोग के रास्ते आगे भी खुले रहेंगे।