लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
दिग्गज अभिनेत्री जीनत अमान ने हालिया इंटरव्यू में अपने फिल्मी सफर को लेकर कई अहम खुलासे किए। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक उन्हें केवल "सेक्स सिंबल" और ग्लैमरस अभिनेत्री के रूप में देखा गया, जबकि उनकी असली पहचान और सोच इससे बिल्कुल अलग थी।
जीनत अमान ने बताया कि उस दौर में फिल्म निर्माता उनकी प्रतिभा या रचनात्मक सोच से ज्यादा उनकी ग्लैमरस छवि पर ध्यान देते थे। उन्होंने कहा कि उन्हें अक्सर ऐसे किरदार दिए जाते थे जिनमें "गाना, नाचना, बारिश में भीगना और कुछ संवाद बोलना" ही प्राथमिकता होती थी। उनके अनुसार, किसी को भी उनके बौद्धिक पक्ष या अभिनय की गहराई में खास दिलचस्पी नहीं थी।
अभिनेत्री ने यह भी बताया कि कई बार फिल्मों में उनसे ज्यादा बोल्ड कपड़े पहनने या अधिक खुलासा करने वाले दृश्य करने की मांग की जाती थी। उनका कहना था कि उनकी अपनी पसंद अपेक्षाकृत सादगीपूर्ण होती थी, लेकिन निर्माता और निर्देशक अधिक ग्लैमरस प्रस्तुति चाहते थे।
जीनत ने कहा कि वास्तविक जीवन में जो लोग उनसे मिलते थे, वे हैरान रह जाते थे क्योंकि उनकी असली शख्सियत पर्दे पर दिखाए गए किरदारों से बिल्कुल अलग थी। उन्होंने माना कि ग्लैमर की पहचान ने उन्हें लोकप्रियता तो दिलाई, लेकिन इससे उनकी अभिनय क्षमता और व्यक्तित्व का दूसरा पक्ष अक्सर नजरअंदाज हो गया।
1970 के दशक में हिंदी सिनेमा की सबसे प्रभावशाली अभिनेत्रियों में शामिल रहीं जीनत अमान का यह बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। कई लोग इसे उस दौर में अभिनेत्रियों के प्रति फिल्म उद्योग के नजरिए पर महत्वपूर्ण टिप्पणी मान रहे हैं।