लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
दिलीजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ (पहले “Punjab 95”) एक बार फिर विवादों में घिर गई है। लंबे समय तक चले सेंसर बोर्ड के 127 कट्स के विवाद के बाद यह फिल्म ओटीटी पर रिलीज की गई थी, लेकिन रिलीज के करीब 48 घंटे के भीतर इसे प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म की रिलीज के बाद इसे भारत में ओटीटी कैटलॉग से हटा दिया गया, जिससे दर्शकों के बीच हैरानी और बहस शुरू हो गई है। यह फिल्म पहले से ही अपने कंटेंट और संवेदनशील विषय को लेकर विवादों में रही है।
यह फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित है, जिन्होंने पंजाब में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों को उजागर किया था। फिल्म को लेकर लंबे समय तक सेंसरशिप और रिलीज को लेकर कानूनी और प्रशासनिक चुनौतियाँ बनी रहीं।
इस बीच खालड़ा की पत्नी परमजीत कौर खालड़ा ने फिल्म के मूल वर्जन का समर्थन करते हुए कहा है कि यह वही संस्करण है जो परिवार ने देखा और स्वीकार किया था। उनके समर्थन के बाद फिल्म को लेकर एक अलग दृष्टिकोण भी सामने आया है।
फिल्म की ओटीटी से अचानक हटाए जाने के बाद अब यह मामला फिर से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सेंसरशिप पर बहस को तेज कर रहा है।