लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
पंजाबी फिल्म 'सतलुज' को OTT प्लेटफॉर्म ZEE5 से हटाए जाने के विवाद ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ पर तीखा हमला करते हुए उन्हें "इम्पोस्टर" कहा। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार का OTT प्लेटफॉर्म्स के संचालन या कंटेंट हटाने के फैसलों पर कोई नियंत्रण नहीं है।
लुधियाना में मीडिया से बातचीत के दौरान बिट्टू ने कहा कि यदि सरकार फिल्म हटाना चाहती, तो उसे रिलीज़ होने ही नहीं दिया जाता। उन्होंने दावा किया कि फिल्म के सीमित समय तक उपलब्ध रहने की बात पहले से कही गई थी और फिल्म हटाने का फैसला निर्माताओं का हो सकता है, सरकार का नहीं।
मंत्री ने दिलजीत दोसांझ की सार्वजनिक छवि और उनकी कुछ फिल्मों को लेकर भी सवाल उठाए। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उनका विरोध फिल्म बनाने से नहीं है, बल्कि उनका मानना है कि पंजाब के उग्रवाद के दौर को एकतरफा तरीके से नहीं दिखाया जाना चाहिए।
गौरतलब है कि 'सतलुज', जो मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित बताई जाती है, ZEE5 पर रिलीज़ होने के लगभग 48 घंटे बाद हटा दी गई थी। इसके बाद फिल्म को हटाने के कारणों को लेकर सवाल उठे और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में फिल्म को दोबारा उपलब्ध कराने की मांग करते हुए जनहित याचिका (PIL) भी दायर की गई है।
फिल्म को लेकर जारी विवाद के बीच सोशल मीडिया और पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री में बहस तेज हो गई है। वहीं, फिल्म के समर्थन में पंजाब के कई इलाकों में सामुदायिक स्तर पर विशेष स्क्रीनिंग भी आयोजित की जा रही हैं।