लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
मुस्कान
दिलजीत दोसांझ अभिनीत फिल्म 'सतलुज' को ZEE5 से हटाए जाने के बाद विवाद और गहरा गया है। अब दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (DSGMC) ने ऐलान किया है कि वह फिल्म की सार्वजनिक स्क्रीनिंग आयोजित करेगी और मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन और उनके कार्यों पर जागरूकता कार्यक्रम चलाएगी।
डीएसजीएमसी का कहना है कि खालड़ा की कहानी को दबाया नहीं जा सकता। संगठन ने कहा कि वह "हर गली-मोहल्ले" तक उनकी कहानी पहुंचाएगा और इस उद्देश्य से सेमिनार, सार्वजनिक प्रदर्शन और शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। समिति का दावा है कि खालड़ा ने हजारों लावारिस शवों और कथित अवैध अंतिम संस्कारों के मामलों को उजागर किया था।
फिल्म 'सतलुज', जो जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित है, हाल ही में ZEE5 से हटा दी गई थी। इसके बाद सेंसरशिप, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और फिल्म की उपलब्धता को लेकर बहस तेज हो गई है। केंद्र सरकार ने भी फिल्म से जुड़े नियामकीय पहलुओं की समीक्षा की प्रक्रिया शुरू की है।
फिल्म के हटने के बाद अभिनेता दिलजीत दोसांझ, फिल्म की टीम और कई सिख संगठनों ने इस फैसले पर सवाल उठाए हैं। डीएसजीएमसी का कहना है कि खालड़ा की विरासत और उनके कार्यों से लोगों को अवगत कराना उनका उद्देश्य है और इसके लिए सामुदायिक स्तर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।