लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
अभिषेक बच्चन ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत साल 2000 में जे.पी. दत्ता की फिल्म ‘रिफ्यूजी’ से की थी, जिसमें उनके साथ करीना कपूर ने भी डेब्यू किया था। हाल ही में अपने 26 साल के फिल्मी सफर को याद करते हुए उन्होंने उस समय के संघर्ष और दबाव को लेकर खुलकर बात की।
अभिषेक ने बताया कि शूटिंग के दौरान वह काफी नर्वस थे और उस दौर में उन पर अपने पिता अमिताभ बच्चन के स्टारडम का भारी दबाव भी था। सेट पर मौजूद लोग भी उन्हें लगातार उसी नजर से देखते थे, जिससे उनका आत्मविश्वास और ज्यादा प्रभावित होता था।
इसी वजह से एक महत्वपूर्ण सीन को सही तरीके से शूट करने में उन्हें कई बार रीटेक देने पड़े और वह सीन लगभग 17 टेक्स में पूरा हो सका। शुरुआती करियर में यह अनुभव उनके लिए काफी चुनौतीपूर्ण था, लेकिन इसी ने उन्हें धीरे-धीरे कैमरे के सामने सहज होना सिखाया।
अभिषेक ने यह भी स्वीकार किया कि शुरुआती दिनों में उन्हें हमेशा यही डर रहता था कि अगर कुछ गलत हो गया तो लोग कहेंगे कि वह अपने पिता की वजह से इंडस्ट्री में आए हैं और टिक नहीं पाएंगे।
आज, 26 साल बाद, अभिषेक बच्चन खुद को पहले से कहीं ज्यादा कॉन्फिडेंट और सहज मानते हैं और उनका कहना है कि समय के साथ उन्होंने खुद को बेहतर तरीके से समझना और परफॉर्म करना सीख लिया है।
उनकी यह कहानी आज भी नए कलाकारों के लिए एक उदाहरण है कि बड़े नाम और दबाव के बीच खुद को साबित करना आसान नहीं होता, लेकिन मेहनत और अनुभव से रास्ता बनता है।