लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
दिलजीत दोसांझ स्टारर फिल्म 'सतलुज' को लेकर चल रहे विवाद में नया मोड़ आ गया है। केंद्र सरकार ने फिल्म के कंटेंट की जांच के लिए एक हाई-लेवल इंटर-डिपार्टमेंटल कमेटी (IDC) का गठन किया है। यह फैसला फिल्म को OTT प्लेटफॉर्म ZEE5 से हटाए जाने के बाद लिया गया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने फिल्म की समीक्षा के लिए यह समिति बनाई है। कमेटी फिल्म के उन हिस्सों की जांच करेगी जिनको लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताएं जताई गई हैं और आगे की कार्रवाई को लेकर अपनी सिफारिश देगी।
'सतलुज' को ZEE5 से हटाए जाने के बाद फिल्म की रिलीज और कंटेंट को लेकर बहस तेज हो गई थी। सरकारी सूत्रों के अनुसार, फिल्म को सूचना प्रौद्योगिकी नियमों के तहत सुरक्षा चिंताओं के आधार पर हटाने का निर्देश दिया गया था।
यह फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन से प्रेरित बताई जा रही है। इससे पहले फिल्म को लेकर सेंसर प्रक्रिया और रिलीज में देरी भी चर्चा का विषय रही थी।
फिल्म के लेखक निरेन भट्ट और निर्देशक टीम ने पहले भी सवाल उठाए थे कि आपत्तियों को स्पष्ट रूप से सामने नहीं रखा गया। वहीं फिल्म के समर्थन में कई कलाकारों ने अभिव्यक्ति और रचनात्मक स्वतंत्रता को लेकर अपनी राय जाहिर की है।
'सतलुज' पहले 'पंजाब 95' नाम से जानी जाती थी और लंबे समय तक रिलीज को लेकर संघर्ष करती रही। अब हाई-लेवल कमेटी की समीक्षा के बाद यह तय होगा कि फिल्म की स्ट्रीमिंग को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाएंगे।