गुरप्रीत कालरा
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अब सिर्फ काम पर फोकस नहीं कर रहे, बल्कि अपनी पर्सनल लाइफ और मेंटल हेल्थ को भी प्राथमिकता देने लगे हैं। वर्क-लाइफ बैलेंस का ट्रेंड खासकर युवाओं में तेजी से बढ़ रहा है।
कई कंपनियां अब फ्लेक्सिबल वर्किंग ऑवर्स, वर्क फ्रॉम होम और 4-डे वीक जैसे विकल्प दे रही हैं, जिससे कर्मचारियों को बेहतर जीवनशैली मिल सके।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि लगातार काम करने से न केवल तनाव बढ़ता है, बल्कि प्रोडक्टिविटी भी कम हो जाती है। ऐसे में समय-समय पर ब्रेक लेना, परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताना और अपने शौक को समय देना बेहद जरूरी है।
इसके अलावा, योग, मेडिटेशन और फिटनेस एक्टिविटी को भी लोग अपनी डेली रूटीन में शामिल कर रहे हैं, जिससे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर हो रहा है।
यह बदलाव संकेत देता है कि आने वाले समय में “कम काम, ज्यादा जीवन” ही नई लाइफस्टाइल बन सकती है।