गुरप्रीत कालरा
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
तेजी से बदलती लाइफस्टाइल और बढ़ते वर्क प्रेशर के बीच 2026 में ‘Micro-Retirement’ नया ग्लोबल ट्रेंड बनकर उभरा है। खासकर Gen Z और Millennials अब पारंपरिक रिटायरमेंट मॉडल से हटकर जिंदगी को अलग अंदाज में जीना चाहते हैं।
इस ट्रेंड में लोग कई साल लगातार काम करने के बजाय कुछ महीनों या एक-दो साल का ब्रेक लेकर ट्रैवल, स्किल डेवलपमेंट, फिटनेस, मानसिक स्वास्थ्य और पर्सनल लाइफ पर ध्यान दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर #MicroRetirement तेजी से वायरल हो रहा है और लाखों युवा अपनी “career pause journey” शेयर कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि महामारी के बाद लोगों की सोच में बड़ा बदलाव आया है। अब युवा सिर्फ पैसा कमाने के बजाय “Quality of Life” को ज्यादा महत्व दे रहे हैं। कई कंपनियां भी कर्मचारियों को sabbatical leave और flexible work options देने लगी हैं।
हालांकि आर्थिक विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि बिना फाइनेंशियल प्लानिंग के लंबे ब्रेक लेना भविष्य में मुश्किलें पैदा कर सकता है। इसके बावजूद यह ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है और 2026 के सबसे चर्चित लाइफस्टाइल मूवमेंट्स में शामिल हो चुका है।