लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
मुस्कान
नई दिल्ली। कैंसर के इलाज के दौरान मरीजों की देखभाल को और बेहतर बनाने के लिए टच केयर और अरोमाथेरेपी पर आधारित एक नए अध्ययन में सकारात्मक संकेत मिले हैं। शोध के अनुसार यह तरीका अस्पताल में भर्ती थोरैसिक (छाती से जुड़े) कैंसर मरीजों के लिए सुरक्षित और उपयोगी पाया गया है।
इस संभाव्यता अध्ययन में 87 मरीज शामिल किए गए, जिनमें अधिकतर उन्नत अवस्था के कैंसर से पीड़ित थे। सभी मरीजों ने इस हस्तक्षेप को पूरा किया और किसी भी मरीज में पहले से मौजूद लक्षणों के बढ़ने की स्थिति नहीं देखी गई।
इस थेरेपी में 20 मिनट की फुट टच केयर और अरोमाथेरेपी का संयोजन शामिल था। अरोमा बीड सैशे को मरीज की छाती पर रखा गया, जबकि आवश्यक तेल को सीधे त्वचा पर नहीं लगाया गया ताकि किसी प्रकार की जलन या साइड इफेक्ट से बचा जा सके।
शोधकर्ताओं का मानना है कि यह सहायक देखभाल पद्धति मरीजों के तनाव और असुविधा को कम करने में मदद कर सकती है, हालांकि इसे व्यापक रूप से अपनाने से पहले और अधिक अध्ययन की आवश्यकता होगी।